mantra-uccharan

‘संस्कृत की संस्कृति’ : ‘अच्छा पाठक’ और ‘अधम पाठक’ किसे कहा गया है और क्यों?

पूर्व में हमने देखा कि वर्ण उत्पत्ति की समस्त प्रक्रिया में बुद्धि क्रमश: विकसित होती हुई वाणी के रूप में परिणत होती है। इससे वक्ता…

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israel-crisis

इजराइल-अरब संकट का चीन, यूरोप, रूस और अमेरिका पर क्या है असर?

हम देख रहे हैं कि किस तेजी से हमास-इजराइल लड़ाई अब ईसाई-इस्लाम संघर्ष की ओर बढ़ चली है। अराजकता के संक्रमण काल का संकेत पिछले…

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Raining

ज़रूर सुनिएगा…..‘It’s raining again’ एक बच्ची की कविता, दूसरी की आवाज़

दिल्ली में 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली दो छोटी बच्चियों का ख़ूबसूरत प्रयास। ज़ीनत ज़ैदी की कविता और देवांशी वशिष्ठ की आवाज़। पढ़ने लायक है, …

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Gaza

इस्लाम और ईसाई जगत क्या एक-दूसरे के खिलाफ निर्णायक युद्ध की ओर बढ़ रहा है?

इजरायल में हमास के घातक नरसंहार से दुनिया स्तब्ध है। यहूदियों के त्यौहार ‘सुक्कोत’ के दिन हमला। एक संगीत कार्यक्रम के दौरान बेगुनाह, अनजान लोगों…

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Equality

भाई ‘समानतावादी’…, कैसा है आपका, ये ‘खुला खेल फ़रुक्ख़ाबादी’?

बड़के भाई ‘समानतावादी’…, पाँय लागी। कैसा है आपका, ये ‘खुला खेल फ़रुक्ख़ाबादी’?? नहीं प्रकृति, कहीं भी समानतावादी। कहीं मैदान, पठार, चोटी तो कहीं वादी।। मिट्‌टी,…

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origin of alphabets

संस्कृत की संस्कृति : वर्ण यानी अक्षर आखिर पैदा कैसे होते हैं, कभी सोचा है? ज़वाब पढ़िए!

संस्कृत अध्येताओं द्वारा वर्णों के शुद्ध उच्चारण के महत्त्व पर दिए उदाहरणों को मैंने कई बार देखा। इस प्रक्रिया के दौरान मन में प्रश्न उत्पन्न…

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Yaksh-Dharm

देखिए, अगर ‘यक्ष’ आज के सन्दर्भ में ‘धर्म’ से प्रश्न पूछें तो वे और उनके उत्तर कैसे होंगे?

हर समय कोई यक्ष अपने प्रश्न लिए उपस्थित रहता है, जहाँ कर्तव्य-अकर्तव्य, कर्म-अकर्म, धर्म-अधर्म के झंझावत में मनुष्य का सम्पूर्ण अस्तित्त्व दाँव पर लगा होता…

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Nikesh jain

जब हमारे माता-पिता को हमारी ज़रूरत हो, हमें उनके साथ होना चाहिए…

मैं सिर्फ़ एक ही कारण से अमेरिका से भारत लौटा। वह कारण थे, मेरे माता-पिता। अमेरिका अच्छा देश है। वहाँ आपको तरक़्क़ी के मौक़े ख़ूब…

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Depression

असफलता झेलने के लिए ख़ुद को पहले से तैयार रखें, इसमें कोई बुराई नहीं

आज के दौर में जहाँ हमारे पास सोशल मीडिया पर विज्ञापनों कि भरमार है, वहीं हमारी समझ इतनी छोटी हो गई है कि हम अच्छे…

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Indra Dev

दूषित वाणी वक्ता का विनाश कर देती है….., समझिए कैसे!

वर्णों के उच्चारण की प्रक्रिया ‘शिक्षा’ नामक वेदांग से सीखने को मिलती है। वर्णों के स्पष्ट उच्चारण को संस्कृत व्याकरण परम्परा के ऋषि अत्यधिक महत्त्व…

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