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आदिपुरुष का विरोध मतलब चेतावनी- अगर आप सीमा लाँघेंगे तो प्रतिकार होगा!

यकीनन पिछले कुछ दिनों से हिन्दुत्व के नवगायक मनोज काफी ‘मुंतशिर’ (बिखरा हुआ) रहे होंगे। वह ‘आदिपुरुष’ की रिलीज के बाद उठे गदर में पहले…

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‘मायावी अंबा और शैतान’ : मौत को जिंदगी से कहीं ज्यादा जगह चाहिए होती है!

अब तक वहाँ का माहौल ऐसा हो चुका था जैसे कुछ बड़ा होने वाला हो। मगर वे लोग जिस प्राचीन ‘हबीशी’ जनजाति से ताल्लुक रखते…

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woman with drink

महिलाओं को ‘भोग्य’, ‘उपभोग्य’ की तरह पेश कर के क्या हमारे परिवार नष्ट किए जा रहे हैं?

‘देह ही देश’! अभी तक मैंने यह पुस्तक पढ़ी नहीं है। लेकिन इसकी समीक्षाएँ पढ़कर इसे पढ़ने की उत्कंठा अवश्य है। इसीलिए पुस्तक को पढ़े…

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Mayavi Amba-3

मायावी अंबा और शैतान : “अरे ये लाशें हैं, लाशें… इन्हें कुछ महसूस नहीं होगा”

तभी तेज हवा का थपेड़ा अंबा के चेहरे से टकराया और उसके गले से होते हुए भीतर पेट तक उतर गया। इससे उसे ऐसा लगा…

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Peacock

एक ने मयूरपंख को परमात्मा का स्मृति-चिह्न बना पूजा और दूजे ने…!

पतित मानस द्वारा समानता की माँग अपनी अनार्यता छिपाने का स्वाँग ही होता है। एक समान अनुभूति होने पर भी इंसान उसका भोग अपने संस्कारों…

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Mayavi Amba-2

‘मायावी अंबा और शैतान’ : वे लोग नहीं जानते थे कि प्रतिशोध उनका पीछा कर रहा है!

खून जमा देने वाली सर्दी में बर्फ पर चलते हुए तलाशी दस्ता धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा था। सर्द हवा ऐसी चुभ रही थी, जैसे शरीर…

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‘मायावी अंबा और शैतान’ : जन्म लेना ही उसका पहला पागलपन था

वह छोटी बच्ची पूरी रात अपनी माँ को तलाशती रही। जोतसोमा के जंगल की बाड़ के पास पहुँचते ही उसकी साँसें थम गईं। एकाएक वह…

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अगर पेड़ भी चलते होते…. तो क्या होता? सुनिएगा!

अगर पेड़ भी चलते होतेअगर पेड़ भी चलते होतेकितने मज़े हमारे होतेबांध तने में उसके रस्सीचाहे जहाँ कहीं ले जाते जहाँ कहीं भी धूप सतातीउसके…

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भरोसा रखिए… वह क़िस्मत लिखता है, तो वही उसे बदल भी सकता है

ज़िन्दगी वो अज़ीम तोहफा है, जो इस दुनिया को ख़ल्क़ (सृष्टि करना) करने वाले ने हम सबको दिया है। हम ज़िन्दगी को जन्म से मौत…

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Shri-Ram katha

हम कथा सुनाते राम सकल गुणधाम की

भारत भवन, भरत नाट्यम और श्रीराम की कथा। यह अद्भुत मेल बना 19 जून को। मौका था, ‘गोस्वामी तुलसीदास समारोह’ का। वैसे, भगवान श्रीराम के…

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