श्री शैवशैल मल्लिकार्जुन के मन्दिर में महाराज तल्लीन हो गए। उनको भावसमाधि लग गई। श्रीशैल में महाराज 10 दिन रहे। हमेशा राजनीति और रणभूमि की…
View More शिवाजी ‘महाराज’ : क्या युवराज सम्भाजी राजे सचमुच ही ‘स्वराज्यद्रोही गद्दार’ थे?Author: Neelesh Dwivedi
शिवाजी ‘महाराज’ : शिवाजी ने जब गोलकोंडा के बादशाह से हाथ मिलाया, गले मिले
तमिल प्रान्त के तंजावर में शिवाजी महाराज के छोटे सौतेले भाई, एकोजी राजे अपनी जागीर का कारोबार देखते थे। वह खुद बहादुर थे। कर्तृत्त्ववान थे।…
View More शिवाजी ‘महाराज’ : शिवाजी ने जब गोलकोंडा के बादशाह से हाथ मिलाया, गले मिलेशिवाजी ‘महाराज’ : परधर्मो भयावहः, स्वधर्मे निधनं श्रेयः…अपने धर्म में मृत्यु श्रेष्ठ है
बहादुरगढ़ में घुसकर मराठों ने औरंगजेब के दूधभाई, बहादुर खान के दाँत खट्टे किए। इस अचानक हमले में मराठों ने एक करोड़ रुपए जुटाए (सन्…
View More शिवाजी ‘महाराज’ : परधर्मो भयावहः, स्वधर्मे निधनं श्रेयः…अपने धर्म में मृत्यु श्रेष्ठ है‘स्माइली वाली लड़की’ : प्रेम के अव्यक्त व अलौकिक रूप का शानदार चित्रण
विकास वशिष्ठ के उपन्यास ‘स्माइली वाली लड़की’ में प्रेम के अव्यक्त व अलौकिक रूप का शानदार चित्रण है। जितना बेहतर पात्रों का चरित्र, उतनी ही…
View More ‘स्माइली वाली लड़की’ : प्रेम के अव्यक्त व अलौकिक रूप का शानदार चित्रणशिवाजी ‘महाराज’ : तभी वह क्षण आया, घटिकापात्र डूब गया, जिजाऊ साहब चल बसीं
जुलूस से महाराज राजमहल लौटे। उन्होंने जिजाऊ साहब की पगधूलि ली। बाद में दोपहर में सबके साथ जीमने के बाद फिर जिजाऊ साहब के पास…
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राजसभा में सिहासनारोहण आदि विधि और बाकी समारोह लगभग चार घंटे चला। इसके बाद महाराज शोभायात्रा के लिए तैयार हो गए। राजसभा के बाहर हाथी…
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यूँ होता है, जब आप अपनी विधा में महारत हासिल कर लेते हैं। इस ढाई मिनट के वीडियो में न कोई न सुर है, न…
View More देखिए, यूँ होता है, जब आप अपनी विधा में महारत पा लेते हैं…शिवाजी ‘महाराज’ : राजा भए शिव छत्रपति, झुक गई गर्वीली गर्दन
चारों तरफ से खुशियाँ उमड़ रही थीं। आनन्द के मीठे बोल फूट रहे थे। महाराज प्रसन्न मुद्रा से सिंहासन पर बैठे थे। तभी सोलह सुहागनें…
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महाराज के माथे पर से अभिषेक-जल की अमृतमय धाराएँ बह निकलीं। जिजाऊ साहब का बरसों से सजाया हुआ सपना उनके जीते-जी पूरा हुआ। उनके बेटे,…
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रायगढ़ पर मंगल बाजे बजने लगे। पहला संस्कार होना था। पहले महाराज का जनेऊ संस्कार हुआ ही नहीं था। अब तक के 350 साल के…
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