हमारा ‘विक्रम संवत्’ ईसवी संवत् से 57 वर्ष पुराना है। महराज विक्रमादित्य ने शकों को हराकर नहीं अपितु खगोलीय घटना के आधार पर विक्रम संवत्…
View More नवसंवत् का आरंभ विक्रमादित्य ने खगोलीय घटना के आधार पर किया थाAuthor: Neelesh Dwivedi
यहाँ बिल्कुल अलग समाज दिखाई देता है, सामान्यतया तो ऐसे लोग दिखाई नहीं देते!
अभी कुछ रोज पहले मुंबई हवाईअड्डे पर था। उड़ान में देरी हो गई। 45 मिनट की। बिना किसी पूर्व सूचना के। यहाँ भीड़ थी। कुर्सियाँ…
View More यहाँ बिल्कुल अलग समाज दिखाई देता है, सामान्यतया तो ऐसे लोग दिखाई नहीं देते!देश के कई इलाकों में अगले 5 दिन ‘हीट-वेव’!
नॉलेज-पिल्स’ यानी ‘ज्ञान-की-गोली’ में आज खास * अगले 5 दिन तक देश के किन-किन क्षेत्रों में रहेगी हीट-वेव? * भारत लगातार ‘अति’ वाले मौसम का…
View More देश के कई इलाकों में अगले 5 दिन ‘हीट-वेव’!क्या भारत का खगोल शास्त्र सिर्फ कुंडली बनाने का तरीका भर है?
हमारा कोई दिन बिना नाम का नहीं होता। वैसे ही महीनों के नाम हैं। और तो और साल का भी नाम निर्धारित किया हुआ है।…
View More क्या भारत का खगोल शास्त्र सिर्फ कुंडली बनाने का तरीका भर है?कचरे का क्या….. अब तक पड़ा हुआ है
गैस त्रासदी की 25वीं बरसी पर सेंटर फॉर साइंस एंड इनवायरमेंट (सीएसई) ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया था कि यूका कारखाने के जहरीले रसायन…
View More कचरे का क्या….. अब तक पड़ा हुआ हैदुनिया आज अंतर्राष्ट्रीय शोरगुल जागरुता दिवस मना चुकी है, शांति से!
नॉलेज-पिल्स’ यानी ‘ज्ञान-की-गोली’ में आज खास * अंतर्राष्ट्रीय शोरगुल जागरुकता दिवस कब मनाया जाता है और क्यों? * शोरगुल जागरुकता दिवस की शुरुआत किसने की…
View More दुनिया आज अंतर्राष्ट्रीय शोरगुल जागरुता दिवस मना चुकी है, शांति से!सिक्के के कितने पहलू होते हैं.. एक, दो या ज्यादा.. जवाब यहाँ है!
मानव के मन में विचारों को श्रृंखला जन्म लेती है। और विविध विचारों के जन्म का कारण उसका परिवेश होता है। हम जैसे परिवेश में…
View More सिक्के के कितने पहलू होते हैं.. एक, दो या ज्यादा.. जवाब यहाँ है!आज अंतर्राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा दिवस है… जानें इस बारे में ‘नॉलेज-पिल्स’ के जरिए
‘नॉलेज-पिल्स’ यानी ‘ज्ञान-की-गोली’ में आज खास * अंतर्राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा दिवस के बारे में, जो हर साल 26 अप्रैल को मनाया जाता है। * बौद्धिक…
View More आज अंतर्राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा दिवस है… जानें इस बारे में ‘नॉलेज-पिल्स’ के जरिएसब भूलकर अपनी गठरी खोलो और जी लो, बस
जीवन के उत्तरार्ध में हम सब का मूल्याँकन रुपए-पैसे से होता है। कितनी पेंशन बनी, कितनी बचत थी, फंड कितना मिला, बच्चों को सैटल कर…
View More सब भूलकर अपनी गठरी खोलो और जी लो, बसबेटी के नाम चौथी पाती : तुम्हारा होना जीवन की सबसे ख़ूबसूरत रंगत है
प्रिय मुनिया, मेरी जान, तुम्हारे जन्मोत्सव के बाद मुझे तुम्हें यह चौथा पत्र लिखने में तनिक विलम्ब हो गया है। मैं तुम्हें यह पत्र तुम्हारे…
View More बेटी के नाम चौथी पाती : तुम्हारा होना जीवन की सबसे ख़ूबसूरत रंगत है