“In a world that’s rapidly evolving, India is taking giant strides towards a future that’s cashless, contactless, and convenient. Today, I’ll delve into the transformative…
View More Dream of Digital India : A cashless India is the first step towardsTag: सरोकार
सनातन धर्म क्या है?
(लेखक विषय की गम्भीरता और अपने ज्ञानाभास की सीमा से अनभिज्ञ नहीं है। वह न तो वैदिक या शास्त्रीय परम्परा का अभ्यासी है और न…
View More सनातन धर्म क्या है?‘जानवरख़ोर’ बुलन्द हैं! हाथी मार दिए गए-सजा किसी को नहीं, बाघ गायब हैं-देखा जाएगा!!
दुनिया में तो होंगे ही, अलबत्ता हिन्दुस्तान में ज़रूर से हैं…‘जानवरख़ोर’ बुलन्द हैं। ‘जानवरख़ोर’ यानि जानवरों को खाने वाले। इसकी एक मिसाल अभी अधिक पुरानी…
View More ‘जानवरख़ोर’ बुलन्द हैं! हाथी मार दिए गए-सजा किसी को नहीं, बाघ गायब हैं-देखा जाएगा!!वे ‘देवदूत’ की तरह आते हैं, मदद करते हैं और अपने काम में लग जाते हैं!
हम अपने नित्य व्यवहार में बहुत व्यक्तियों से मिलते हैं। जिनके प्रति हमारे विचार प्राय: सकारात्मक नहीं हो पाते। हम सड़कों पर चलते-फिरते या कहीं…
View More वे ‘देवदूत’ की तरह आते हैं, मदद करते हैं और अपने काम में लग जाते हैं!‘मायावी अम्बा और शैतान’: मैं उसे ऐसे छोड़कर नहीं जा सकता, वह मुझसे प्यार करता था!
अंबा को यूँ सामने देखकर तनु बाकर के होश उड़ गए। अंबा जिस तरह से उसे घूर रही थी, उससे साफ था कि उसे गहरा…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’: मैं उसे ऐसे छोड़कर नहीं जा सकता, वह मुझसे प्यार करता था!भारत को एआई के मामले में पिछलग्गू नहीं रहना है, दुनिया की अगुवाई करनी है
“भारत को बुद्धिमत्ता (कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानि एआई) के आयात के लिए अपनी जानकारियों (डेटा) का निर्यात नहीं करना चाहिए। बल्कि भारत को अपना स्वयं का…
View More भारत को एआई के मामले में पिछलग्गू नहीं रहना है, दुनिया की अगुवाई करनी है36 लाख का बाथटब, 12 लाख का कमोड…समझिए, नेता ऐसे बर्बाद करते हैं हमारा पैसा!
आन्ध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम शहर से लगे एक गाँव की पहाड़ी पर 61 एकड़ के क्षेत्र में फैला महलनुमा परिसर। इस परिसर में कुछ-कुछ दूरी…
View More 36 लाख का बाथटब, 12 लाख का कमोड…समझिए, नेता ऐसे बर्बाद करते हैं हमारा पैसा!देखिए ‘जानवरख़ोर इंसान’ ने हाथियों को भी ‘आदमख़ोर’ बना दिया!
शीर्षक पढ़कर चौंक सकते हैं, क्योंकि हाथी तो शाकाहारी होते हैं। माँसाहार में उनकी रुचि नहीं। यह उनका भोजन नहीं। और इंसान के तो वे…
View More देखिए ‘जानवरख़ोर इंसान’ ने हाथियों को भी ‘आदमख़ोर’ बना दिया!सम्पदायों के भीड़तंत्र में आख़िर सनातन कहाँ है?
‘सनातन’ शब्द आजकल के बोलचाल में काफी ज्यादा प्रचलित हो गया है। यह इतना व्यापक हो गया है कि जो व्यक्ति अब्राहिमी यानी इस्लामिक, यहूदी,…
View More सम्पदायों के भीड़तंत्र में आख़िर सनातन कहाँ है?दीवाली पर भगवान जुआ नहीं, चौसर खेलते हैं क्योंकि जुए से तो लक्ष्मी नाराज़ होती हैं!
देश के कई हिस्सों में यह ग़लत धारणा किसी परम्परा की तरह प्रचलित है कि
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