खुद को सँभालने के लिए अंबा ने अपनी दोनों बाँहें शरीर के इर्द-गिर्द लपेट लीं। उसे उम्मीद नहीं थी कि कभी इस तरह भी कोई…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : उस वासना को तुम प्यार कहते हो? मुझे भी जानवर बना दिया तुमने!Tag: सरोकार
‘डिजिटल अरेस्ट’: डर और असावधानी से हमने 4 महीने में 120 करोड़ गँवाए, अब तो चेतें!
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस रविवार को अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में ‘डिजिटल अरेस्ट’ के मसले को उठाया। लोगों को सचेत किया कि इस…
View More ‘डिजिटल अरेस्ट’: डर और असावधानी से हमने 4 महीने में 120 करोड़ गँवाए, अब तो चेतें!भगवद् गीता पढ़िए, किसी और मोटिवेटर की ज़रूरत नहीं पड़ेगी
मोटिवेशन यानि प्रेरणा तीन चीजों से आती है। सम्बन्ध, समझ और संसाधन। ये तीनों चीजें एक साथ चाहिए होती हैं। ऐसा नहीं होता कि इसमें…
View More भगवद् गीता पढ़िए, किसी और मोटिवेटर की ज़रूरत नहीं पड़ेगीदीवाली की छुट्टी में नया काम नहीं क्योंकि हमने ‘अपने त्योहार’ की भावना का आदर किया
अभी कल ही हमने दीवाली की छुटि्टयों से पहले का अपना आखिरी उत्पाद (सॉफ्टवेयर, आदि) बनाया। इसके बाद दीवाली छुटि्टयाँ बीतने तक हम अब कोई…
View More दीवाली की छुट्टी में नया काम नहीं क्योंकि हमने ‘अपने त्योहार’ की भावना का आदर किया‘मायावी अम्बा और शैतान’ : उस घिनौने रहस्य से परदा हटते ही उसकी आँखें फटी रह गईं
तभी अचानक किसी पेड़ की शाख के चटकने की आवाज से वह चौंक गई। वह ठिठकी और उसका दायाँ हाथ कमर के बेल्ट से बँधी…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : उस घिनौने रहस्य से परदा हटते ही उसकी आँखें फटी रह गईंयह प्रमाण है कि कांग्रेस ने संसद में रखे धर्मदंड ‘सेंगोल’ के बारे में झूठ बोला, लेकिन क्यों?
देश की नई संसद में रखे गए धर्मदंड ‘सेंगोल’ के बारे में रोचक और प्रामाणिक जानकारी सामने आई है। नीचे इससे सम्बन्धित एक वीडियो दिया…
View More यह प्रमाण है कि कांग्रेस ने संसद में रखे धर्मदंड ‘सेंगोल’ के बारे में झूठ बोला, लेकिन क्यों?जानवर कोई ‘आदमख़ोर’ नहीं होता साहब, आदम ही ‘जानवरख़ोर’ होता है हमेशा!
राजस्थान के उदयपुर में एक जगह है गोगुन्दा। वहाँ के जंगलों में अभी एक-दो दिन पहले पुलिस के जवानों और पेशेवर निशानेबाज़ों ने मिलकर चार…
View More जानवर कोई ‘आदमख़ोर’ नहीं होता साहब, आदम ही ‘जानवरख़ोर’ होता है हमेशा!‘न्याय की देवी’ की अब आँखें खोलकर न्याय करेगी…, क्या सच?
हिन्दुस्तान में ‘न्याय की देवी’ ने अपना स्वरूप बदल लिया है।
View More ‘न्याय की देवी’ की अब आँखें खोलकर न्याय करेगी…, क्या सच?मीडिया बताए, इस देश में सम्प्रदाय क्या एक ही ‘विशेष’ है और बाकी सब भीड़ हैं?
मेरी पुरानी आदत में थोड़ा परिवर्तन आ गया है। अब सुबह-सुबह अखबार से खबर नहीं पढ़ता। ख़बरिया वेबसाइटों पर ख़बरें देखने लगता हूँ। इससे पूरे…
View More मीडिया बताए, इस देश में सम्प्रदाय क्या एक ही ‘विशेष’ है और बाकी सब भीड़ हैं?लोग भूल गए कि दशहरे पर पान क्यों खाते हैं और अब पूछते हैं या खाने वालों पर हँसते हैं!
हिन्दुस्तान सम्भवत: दुनिया में इक़लौता या फिर उन गिनती के देशों में शुमार होगा, जहाँ लोग अपनी परम्पराओं पर गर्व नहीं करते। बल्कि उनका मज़ाक…
View More लोग भूल गए कि दशहरे पर पान क्यों खाते हैं और अब पूछते हैं या खाने वालों पर हँसते हैं!