अब वह पूरी तरह से उस भैंस की गोद में थी। उसके गाढ़े खून, हडिडयों और अंतड़ियों के पिंजर में जिंदा दफन थी। वह अच्छी…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : वह अचरज में थी कि क्या उसकी मौत ऐसे होनी लिखी है?Tag: सरोकार
ये कैसा हिन्दी अनुवाद, जहाँ हिन्दी ही ढूँढनी पड़ जाए?
ये दिल्ली के मशहूर ‘मैक्स’ अस्पताल में लगे सूचना पटल हैं। इन पर लिखी सूचनाओं पर ग़ौर कीजिए। कहने के लिए तो सूचनाएँ हिन्दी और…
View More ये कैसा हिन्दी अनुवाद, जहाँ हिन्दी ही ढूँढनी पड़ जाए?राम तुम्हारे आ जाने से जाने क्यों ऐसा लगता है….
अयोध्या में 500 वर्षों की प्रतीक्षा पूरी हो गई है। जन्मभूमि पर भव्य और दिव्य राममंदिर के निर्माण का पहला चरण पूरा हो गया है।…
View More राम तुम्हारे आ जाने से जाने क्यों ऐसा लगता है….तेज विकास के दौर में कृषि की अनदेखी हमें कहाँ ले जा रही है?
देश की अर्थव्यवस्था विकास की एक अभूतपूर्व स्थिति से गुजर रही है। कमजोरी से जूझती बीमार विश्व अर्थव्यवस्था के लिए भारत और चीन की विकास…
View More तेज विकास के दौर में कृषि की अनदेखी हमें कहाँ ले जा रही है?‘मायावी अम्बा और शैतान’ : अब वह खुद भैंस बन गई थी
कुछ देर में उस विशालकाय भैंस के होंठ हिले और उसने अजीब सी आवाज निकाली। थोड़ी सीटी और कुछ गाने जैसी। उसमें चेतावनी थी और…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : अब वह खुद भैंस बन गई थीदेखिए, भक्त कैसे अपने गोविन्ददेव जी को साथ में पतंग उड़ाने के लिए बुला रहे हैं
ये जयपुर के राधागोविन्द देव जी मन्दिर का मनमोहक दृश्य है। हर साल मकर संक्रान्ति पर भक्त यहाँ ऐसे ही अपने आराध्य गोविन्द देव से…
View More देखिए, भक्त कैसे अपने गोविन्ददेव जी को साथ में पतंग उड़ाने के लिए बुला रहे हैं‘सरकार’ हिन्दी के लिए ऐसे कैसे जगेगा स्वाभिमान, जब आप ही…!
नीचे दी गईं ये तस्वीरें केन्द्र सरकार के ‘नागर विमानन मंत्रालय’ से ताल्लुक रखती हैं। उसकी ओर से सोशल मीडिया पर नियमित रूप से साझा…
View More ‘सरकार’ हिन्दी के लिए ऐसे कैसे जगेगा स्वाभिमान, जब आप ही…!‘12वीं फेल’ की चमक-दमक के बीच एक ‘छोटी सी बड़ी’ फिल्म यह भी देखिए, ‘प्लूटो’
अभी हर तरफ़ एक बेहद सफल फिल्म ‘12वीं फेल’ के चर्चे हैं। भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी श्री मनोज शर्मा के जीवन की सच्ची…
View More ‘12वीं फेल’ की चमक-दमक के बीच एक ‘छोटी सी बड़ी’ फिल्म यह भी देखिए, ‘प्लूटो’‘संस्कृत की संस्कृति’ : बच्चे का नाम कैसा हो- सुन्दर और सार्थक या नया और निरर्थक?
हमने पिछली बार यादृच्छिक शब्दों के प्रयोग पर और धातु से उत्पन्न शब्दों के बारे में चर्चा की थी। यादृच्छिक शब्दों के प्रयोग से एक…
View More ‘संस्कृत की संस्कृति’ : बच्चे का नाम कैसा हो- सुन्दर और सार्थक या नया और निरर्थक?आज विश्व हिन्दी दिवस है… और ये विश्व ‘विधालय’ अनुदान आयोग है!
आज ‘विश्व हिन्दी दिवस’ है। दुनिया भर के हिन्दी विशेषज्ञ, मीडिया और सोशल मीडिया वग़ैरा के मंचों पर भर-भर के ज्ञान दिया जा रहा है।…
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