Mayavi Amba-29

‘मायावी अम्बा और शैतान’ : खून और आस्था को कुरबानी चाहिए होती है

अंबा के खाली पेट में गुड़गुड़ाहट हो रही थी। भूख के कारण बहुत कमजोरी लग रही थी। लिहाजा, वह पास में ही बह रही नदी…

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Animal-Cruelty

जानवरों के भी हुक़ूक हैं, उनका ख़्याल रखिए

आज ज़्यादातर लोग नौकरी या किसी और सिलसिले में अपने घर और अपनों से दूर दूसरे शहरों में रहते हैं। इसी कारण अकेलेपन से पीछा…

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Mayavi Amba-28

‘मायावी अम्बा और शैतान’ : मृतकों की आत्माएँ उनके आस-पास मँडराती रहती हैं

धुंध में घिरा जोतसोमा जल्दी ही जमीन के नीचे से बाहर निकल आए जीव-जंतुओं के लिए जानलेवा खेल का मैदान बन गया था। सूरज ढलने…

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Sanskrit Dhatu

‘संस्कृत की संस्कृति’ : पंडित जी पूजा कराते वक़्त ‘यजामि’ या ‘यजते’ कहें, तो क्या मतलब?

पूर्व में हमने संस्कृत की विविध विशेषताओं को देखा। अब आगे बढ़ते हुए, कुछ प्रयोग देखेंगे। इन प्रयोगों से हम संस्कृत भाषा के प्रयोग के…

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eyes

ये विज्ञापन है, पर हम प्रसार कर रहे हैं… ताकि किसी की आँखें खुल सकें!

ये विज्ञापन है। इस पर #अपनीडिजिटलडायरी का कोई कॉपीराइट नहीं। किसी तरह का अधिकार नहीं। जिन्होंने इसे बनाया है, सब कुछ उन्हीं का है। अलबत्ता…

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sanskrit shlok

‘संस्कृत की संस्कृति’ : संस्कृत व्याकरण की धुरी किसे माना जाता है?

पाणिनीय व्याकरण के प्रसंग में हमने बहुत से प्राचीन और अर्वाचीन आचार्यों विद्वानों के मत देखे। इस सन्दर्भ में हमें आज संस्कृत व्याकरण के नाम…

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Mayavi Amba-27

‘मायावी अम्बा और शैतान’ : वह तब तक दौड़ती रही, जब तक उसका सिर…

अंबा के लिए बैकाल जेल से दूर निकल जाना बहुत जरूरी था। कोई और रास्ता नहीं था, सिवाय इसके कि वह सामने दिख रहे अँधेरे,…

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Panini

‘संस्कृत की संस्कृति’ : ‘पाणिनि व्याकरण’ के बारे में विदेशी विशेषज्ञों ने क्या कहा, पढ़िएगा!

आचार्य पाणिनि के बृहद् कार्य पर दृष्टि डालने के क्रम में पुन: भगवान पतंजलि की उक्ति का उल्लेख समीचीन होगा। पतंजलि आचार्य पाणिनि के लिए…

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Panini

संस्कृत की संस्कृति : पतंजलि ने क्यों कहा कि पाणिनि का शास्त्र महान् और सुविचारित है

हम आचार्य पाणिनि के व्याकरण की चर्चा कर रहे थे। वास्तव में आचार्य केवल व्याकरण का ग्रन्थ नहीं लिख रहे थे। अपितु वह भारतीय समाज…

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Mayavi Amba-27

‘मायावी अम्बा और शैतान’ : “तू…. ! तू बाहर कैसे आई चुड़ैल-” उसने इतना कहा और…

कैद में रहते हुए अंबा की वह सातवीं रात थी। तभी उसे महसूस हुआ, जैसे कोई उसके पास आया हो। उसने उसके चेहरे पर पड़ा…

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