उस समय लंदन में ईस्ट इंडिया कंपनी के गवर्नर थे सर जोसिया चाइल्ड। उनका मानना था कि भारत में ब्रिटिश साम्राज्य की नींव रखना कंपनी का कर्त्तव्य है। इसलिए उन्होंने 80,000 पाउंड अदा कर…
View More जेलों में ख़ास यातना-गृहों को ‘काल-कोठरी’ नाम किसने दिया?Tag: सरोकार
अवध का इलाका काफ़ी समय तक अंग्रेजों के कब्ज़े से बाहर क्यों रहा?
19वीं सदी की शुरुआत में मध्य और उत्तर भारत मराठा राजाओं के नियंत्रण में था। ये सब पेशवा के लिए निष्ठावान कहे जाते थे। पर नाममात्र के लिए। इनके प्रशासन का स्वरूप कुछ ऐसा था कि प्रभावी तरीके…
View More अवध का इलाका काफ़ी समय तक अंग्रेजों के कब्ज़े से बाहर क्यों रहा?हिन्दुस्तान पर अंग्रेजों के आधिपत्य की शुरुआत किन हालात में हुई?
सन् 1748 से 1762 के बीच उत्तर-पश्चिमी भारत पर कई बार अफ़ग़ानों के हमले हुए। जबकि मध्य और उत्तरी भारत पर मराठों का कब्ज़ा हो गया।…
View More हिन्दुस्तान पर अंग्रेजों के आधिपत्य की शुरुआत किन हालात में हुई?औरंगज़ेब को क्यों लगता था कि अकबर ने मुग़ल सल्तनत का नुकसान किया?
अकबर के समय तक हर स्तर पर हिंदु जीवन पद्धति और तौर-तरीकों को स्वीकार करने की मंशा दिखती थी। यही कारण था कि अकबर ने प्रशासन में हिंदुओं…
View More औरंगज़ेब को क्यों लगता था कि अकबर ने मुग़ल सल्तनत का नुकसान किया?बड़े पैमाने पर धर्मांतरण के बावज़ूद हिन्दुस्तान में मुस्लिम अलग-थलग क्यों रहे?
भारत पर आक्रमण करने वाले मुसलिम आक्रांताओं में मुग़ल आख़िरी थे। यहाँ मुग़लिया सल्तनत की स्थापना बाबर ने की, 1526 में। मुग़लों ने पहले उत्तर…
View More बड़े पैमाने पर धर्मांतरण के बावज़ूद हिन्दुस्तान में मुस्लिम अलग-थलग क्यों रहे?हक़ दे इंडिया, इन ‘लड़ाकियों’ को हमारी सांत्वना नहीं चाहिए!
भारतीय महिला हॉकी टीम टोक्यो ओलम्पिक खेलों में चौथे नम्बर रही। शुक्रवार, छह अगस्त को ब्रिटेन ने नज़दीकी मुकाबले में भारत की टीम पर चार-तीन से जीत…
View More हक़ दे इंडिया, इन ‘लड़ाकियों’ को हमारी सांत्वना नहीं चाहिए!गुरु पूर्णिमा पर स्वरांजलि की ‘पियाली’
भारत की समृद्ध गुरु-शिष्य परम्परा अगर कहीं अब भी अपने श्रेष्ठ स्वरूप (कुछ अगर-मगर छोड़ दें, तो बहुतायत) में है तो वह या तो आध्यात्म…
View More गुरु पूर्णिमा पर स्वरांजलि की ‘पियाली’मैं उन्हीं लाखों लाशों की तरफ़ से आप से माफ़ी माँगता हूँ
बीते दो-तीन दिनों राज्यसभा के सदस्य प्रोफेसर मनोज झा का सदन में दिया यह भाषण ख़बरिया ( Media) और सामाजिक माध्यमों (Social Media) पर चल…
View More मैं उन्हीं लाखों लाशों की तरफ़ से आप से माफ़ी माँगता हूँहम भोजन को भगवान मानते हैं और रोज उनका तिरस्कार करते हैं!
उसका घर कॉलोनी के नुक्कड़ पर है। सामने तीन तरफ़ जाने वाले रास्ते तिकोने से जुड़ते हैं। वहीं एक तरफ़ उस रिहाइश (कॉलोनी) का दरवाज़ा है।…
View More हम भोजन को भगवान मानते हैं और रोज उनका तिरस्कार करते हैं!क्या हम पर्यावरण जैसे विषय पर इतने गैर-ज़िम्मेदार हैं?
जूही चावला अपने समय की लोकप्रिय अभिनेत्री हैं। उन्होंने अभी हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी। समाजसेवी, स्तम्भकार वीरेश…
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