साल 2016 में एक फिल्म आई थी, ‘पिंक’। समाज में महिलाओं की व्यथा, उनकी पीड़ा, उनके संघर्ष को दिखाती एक कहानी। इसी फिल्म में एक…
View More चरित्र जब पवित्र है, तो क्यूँ है ये दशा तेरी?Tag: सरोकार
‘आयुष्मान् भव’ या ‘आयुष् मा भव’ यानि ‘चिरायु हों’ अथवा ‘चिरायु न हों’?
ये पहला वीडियो मध्य प्रदेश के भोपाल शहर के ‘आम शख़्स’ योगेश बलवानी का है। और दूसरा शहर के बड़े ‘ख़ास अस्पताल’ चिरायु के प्रबन्धक…
View More ‘आयुष्मान् भव’ या ‘आयुष् मा भव’ यानि ‘चिरायु हों’ अथवा ‘चिरायु न हों’?हिन्दी, हिंग्लिश, तमिलिश
देश के जाने-माने चित्रकार, कहानीकार, संपादक, आकाशवाणी अधिकारी और टेलीफिल्म निर्माता प्रभु जोशी जी ने इसी चार मई को हमेशा के लिए आँखें बन्द कर…
View More हिन्दी, हिंग्लिश, तमिलिशएक कहानी ; उम्मीद के दीए की…
वक़्त मुश्किल है। एक अदृश्य दुश्मन (कोरोना) है, जिसने मानवता के ख़िलाफ़ जंग छेड़ रखी है। हमारे घरों में घुसकर हमारे अपनों को वह…
View More एक कहानी ; उम्मीद के दीए की…मेट्रोनामाः इस क्रूरतम समय में एक सुन्दरतम घटना
रोज़ाना की तुलना में आज मेट्रो सूनी है। इतना सूनापन डराता है। हालाँकि आज दिल्ली में कर्फ्यू है। लेकिन ज़िन्दगी तो चल ही रही है। कुछ…
View More मेट्रोनामाः इस क्रूरतम समय में एक सुन्दरतम घटनाभेदभावविनाशकं खलु दिव्यभाषा संस्कृतम्
धर्म, जाति, भाषा के नाम पर एक-दूसरे के ख़िलाफ़ खड़े होने की सूचना-सामग्री अथाह है। समाचार माध्यमों और कथित सामाजिक माध्यमों (Social Media) पर ऐसा…
View More भेदभावविनाशकं खलु दिव्यभाषा संस्कृतम्पंडित रविशंकर, एक प्रेरक शख़्सियत, जिसने ‘ज़िन्दगी’ को थामा तो उसके मायने बदल दिए
पंडित रविशंकर आज 101 साल के हो गए। ऐसा इसलिए कहना ठीक है, क्योंकि उनके जैसे लोगों की सिर्फ़ देह ही दुनिया छोड़ती है। शख़्सियत…
View More पंडित रविशंकर, एक प्रेरक शख़्सियत, जिसने ‘ज़िन्दगी’ को थामा तो उसके मायने बदल दिएजयन्ती विशेषः अपने प्रिय कवि माखनलाल चतुर्वेदी की याद और पुष्प की अभिलाषा
आज फेसबुक स्क्रॉल करते हुए ‘डायरी’ की एक पोस्ट सामने आ गई। पोस्ट में एक सुन्दर तस्वीर पर माखनलाल चतुर्वेदी जी की कविता लिखी थी।…
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किताबें ज्ञान का स्रोत हैं या फिर ज्ञान किताबों के सृजन का माध्यम? इस प्रश्न पर विचार का भरा-पूरा कारण दिया है इस कविता ने। प्रश्न के…
View More निर्मल वर्मा की जयन्ती और एक प्रश्न, किताबों से बड़ा ज्ञान या ज्ञान से बड़ी किताबें?रंगपंचमी, सूखे रंग और कैनवास पर रंगोली!
मराठी संस्कृति वृहद और समृद्ध है। इसके कई अच्छे गुणों में संस्कार से लेकर खान-पान, पहनावा और घर परिवारों का रखरखाव भी महत्वपूर्ण है। इसके…
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