जनगणना-2027 : सचेत रहिए, सही जानकारी ही हमारी और हमारे परिवार की सुरक्षा करेगी

अनुज राज पाठक, दिल्ली

वर्ष 2009 का था। नई-नई नौकरी लगी थी। तब हमें यह पता भी नहीं था कि नौकरी में पढ़ाने के अलावा कई और कार्य भी करने पड़ेंगे। तभी जिस जनगणना और उसके आँकड़ों के बारे में तैयारी के दौरान पढ़ा करते थे, वही करने की हमारी बारी आ गई। जनगणना कार्य कैसे करना है, प्रशिक्षण के दौरान सीखा। फिर उस कार्य को विधिवत् सम्पन्न भी किया। हालाँकि, यह इतना आसान भी नहीं था, जितनी आसानी से लिखा है। पर हाँ, जनगणना का काम बहुत कठिन भी नहीं है। बस, उसमें एक मुश्किल होती है कि जिस ‘जन’ की गणना करनी है, वह आसानी से जानकारी नहीं देता।

वही जनगणना फिर 2021 में होनी थी। लेकिन 2020 के भयावह वर्ष (कोरोना महामारी के कारण) की वजह से तब जनगणना संभव नहीं हो सकी। मगर अब 2026 में जनगणना की कवायद शुरू हो चुकी है। उसे जनगणना-2027 के नाम से जानेंगे क्योंकि काम अगले साल तक पूरा होगा और अंतिम आँकड़े भी तभी आएँगे। यहाँ प्रश्न हो सकता है कि इस पूरी कवायद से क्या होगा? तो बता दें कि जनगणना राष्ट्र की नीति बनाने, राष्ट्र को व्यवस्थित करने, उसे विकसित करने के लिए मूलभूत आधार उपलब्ध कराती है। इसीलिए यह कवायद जरूरी बेहद जरूरी हो जाती है। आज भारतीय जनगणना प्रक्रिया विश्व में सबसे बड़ी प्रशासनिक कवायद है। इस काम में लाखों लोग सीधे तौर पर जुटे हुए हैं।

आजकल हम देख रहे हैं कि सोशल मीडिया पर इस सबसे महत्त्वपूर्ण कवायद को लेकर कई तरह के हँसी-मजाक वाले चित्र-विचित्र (मीम्स) सामने आ रहे हैं। हँसी-मजाक तक इसमें कोई बुराई नहीं। मगर, इसी बीच एक खबर ने थोड़ी चिंता बढ़ाई है। इसके अनुसार, कुछ जालसाज लोगों ने जनगणना के नाम पर सामान्यजन से ओटीपी माँगना शुरू किया है। इस तरह लोगों को वे आर्थिक नुकसान पहुँचा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कुछ अन्य शरारती तत्त्व विभिन्न वीडियो के माध्यम से जनगणना के विषय में भ्रम फैला रहे हैं। एक वीडियो में तो जनगणनाकर्मी को गाँव-कस्बे से खदेड़ने तक का आग्रह है। ऐसी बदमाशियों की जाँच होनी चाहिए और बदमाशों के विरुद्ध उचित कार्यवाही होनी चाहिए।

जनगणना-2027 से संबंधित बहुत सी जानकारियाँ सरकार विविध माध्यमों से प्रसारित कर रही है। उसके बाद भी सामान्य व्यक्ति जालसाजों के हाथों शिकार हो रहे हैं। इसीलिए यहाँ #अपनीडिजिटलडायरी के माध्यम मैं कुछ सामान्य सुरक्षा उपायों को सामने रखने का प्रयास कर रहा हूँ, क्योंकि #अपनीडिजिटलडायरी केवल वास्तविक व सामान्य व्यक्ति के जीवन से जुड़े सार्थक विषयों से संबंधित सामग्री को ही समाज के सम्मुख रखती है। यही उसका ध्येय भी है। मैं स्वयं सीधे तौर कर जनगणना कार्य से जुड़ा हूँ, इसलिए आम जन को सही जानकारी पहुँचना मेरा भी दायित्त्व है। 

तो गौर कीजिए…

1. जनगणना हेतु कोई भी व्यक्ति आप के पास 15 मई से पहले नहीं आएगा। यह दिनांक दिल्ली के संदर्भ में है। विविध राज्यों में अलग-अलग है, जिसका राज्यवार प्रचार वहाँ की सरकारें कर रही हैं। 

2. जनगणना कार्य का प्रथम चरण 15 मई 2026 से 16 जून 2026 तक चलेगा। प्रथम चरण को मकानसूचीकरण कहा जाता है।

3. मकानसूचीकरण में आवास तथा आवास में रहने वाले व्यक्ति किन वस्तुओं का उपयोग करते हैं आदि जानकारी एकत्र की जाएगी।

4. जनगणना हेतु आपके घर कोई आए, तो सबसे पहले जनगणना अधिकारी के पहचान पत्र देखकर सुनिश्चित करें कि वह सही व्यक्ति है या नहीं।

5. वास्तविक जनगणना अधिकारी के पास दो तरह के पहचान पत्र होंगे। पहला- उसके अपने विभाग द्वारा जारी किया पहचान पत्र, दूसरा- जनगणना विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र।

6. जनगणना अधिकारी किसी भी तरह का ओटीपी नहीं माँगेगा।

7. जनगणना अधिकारी सरकार द्वारा निर्धारित 34 प्रश्नों को ही पूछेगा। इसमें आपके बैंक से संबंधित कोई भी जानकारी नहीं पूछी जाएगी।

8. आप स्वयं भारत सरकार द्वारा जारी जनगणना पोर्टल के माध्यम से भी अपनी जनगणना सुनिश्चित कर सकते हैं, लेकिन यह जानकारी जनगणना अधिकारी द्वारा आप के घर आकर सुनिश्चित करने के बाद ही पूर्ण मानी जाएगी।

9. स्वयं अपनी गणना हेतु – https://censusindia.gov.in पर जाकर कर सकेंगे।

10. स्वयं मकानसूचीकरण करने का विविध राज्यवार दिनांकों का निर्धारण अलग-अलग है। जिसे जनगणना पोर्टल पर देखा जा सकता है।

ध्यान रखिए, सही जानकारी ही हमारी और हमारे परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेगी। सही जानकारी हेतु जनगणना पोर्टल का ही अनुसरण करें। इस प्रक्रिया में सहज और सक्रिय रूप से भाग लें, ताकि राष्ट्र के निर्माण में अपनी भागीदारी भी सुनिश्चित कर सकें।

—— 

(नोट : अनुज राज पाठक दिल्ली में संस्कृत विषय के शिक्षक हैं। #अपनीडिजिटलडायरी की स्थापना से ही साथ जुड़े सदस्यों में शामिल हैं। अच्छे लेख और कविताएँ लिखते हैं। कभी-कभी श्रृंखलाबद्ध लेखन भी करते हैं।)

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