ज़िन्दगी में ‘मूड’ नहीं, बल्कि हमारा ‘मूव’ मायने रखता है

हम अक्सर मूड को अपने ऊपर हावी पाते हैं। यानी जब मूड हुआ तो कोई काम करेंगे, और नहीं हुआ तो नहीं करेंगे। इससे हमेशा…

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अहम मौक़ों अपने ज़मीर की सुनिए, तारीख़ में नायक बनेंगे!

अहम मौक़ों पर अक़्सर हम ख़ुद को दोराहे पर खड़ा पाते हैं। क्या करें, क्या न करें? क्या करना चाहिए, क्या नहीं करना चाहिए? ऐसे…

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Mayavi Amba-27

‘मायावी अम्बा और शैतान’ : “तू…. ! तू बाहर कैसे आई चुड़ैल-” उसने इतना कहा और…

कैद में रहते हुए अंबा की वह सातवीं रात थी। तभी उसे महसूस हुआ, जैसे कोई उसके पास आया हो। उसने उसके चेहरे पर पड़ा…

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Sanskrit Grammer

संस्कृत की संस्कृति : “संस्कृत व्याकरण मानव मस्तिष्क की प्रतिभा का आश्चर्यतम नमूना!”

तो भगवान पाणिनि का बनाया हुआ ‘व्याकरण’ आधार के रूप में स्थापित होता चला गया। इसका कारण मात्र यह नहीं था कि व्याकरण के नियमों…

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Shivraj-Kamalnath

मध्य प्रदेश चुनाव का नतीजा साफ, यहाँ जानता हार रही है!

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए इसी 17 नवंबर को मतदान हो चुका है। आने वाली तीन दिसंबर को औपचारिक नतीज़ा भी आ जाएगा। लेकिन…

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Orchha

ओरछा : उद्दंड आधुनिकता से ‘मूल हुआ निर्मूल’, कैसे? देखिए इस वीडियो में!

यह वीडियाे देवांशु झा ने बनाया है। देवांशु झारखंड के देवघर से ताल्लुक़ रखते हैं। दिल्ली में लगभग 20 वर्ष तक टीवी पत्रकारिता कर चुके…

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Mayavi Amba-26

‘मायावी अम्बा और शैतान’ : कोई उन्माद बिना बुलाए, बिना इजाजत नहीं आता

# दूषित # हमारी यादें नहीं होतीं। शक्कर के दानों की तरह हमारी स्लेट पट्‌टी एकदम कोरी होती है। हम यादें सहेजते भी नहीं हैं।…

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Panini

‘संस्कृत की संस्कृति’ : आज की संस्कृत पाणिनि तक कैसे पहुँची?

पिछली कड़ी में हमने व्याकरण के आचार्यों का उल्लेख किया। संस्कृत वांग्मय में सभी विषयों का आदि अर्थात् सबसे पहले उपदेश करने वाले ब्रह्मा हैं।…

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Swami Oma

जिसे प्रेम आता है, वह किसी का नहीं होता…. क्यूँ और कैसे? स्वामी ओमा से सुनिए!

ये हैं स्वामी ओमा द ‘अक्क’। ये श्रीराम पर बात करते हैं। श्रीकृष्ण पर बात करते हैं। तुलसी पर बात करते हैं। वेदव्यास पर बात…

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Mayavi Amba-24

‘मायावी अंबा और शैतान’ : वह पैर; काश! वह उस पैर को काटकर अलग कर पाती

“डर के साए में, और मैं? साली, हरामजादी, मैं इस पूरे इलाके का बादशाह हूँ, बादशाह…, समझी तू!”“अभी वक्त है, सँभल जा। हम सिर्फ इतना…

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