शिक्षक, जिसके बारे में कहा जाता है कि समाज उसे बहुत सम्मान की दृष्टि से देखता है। लेकिन मुझे लगता है शिक्षक जब तक सिर्फ…
View More अन्य सरकारी कर्मचारियों की तुलना में शिक्षक सबसे निरीह क्यों लगता है?Tag: सरोकार
मत लादिए अपनी इच्छाएँ, अपनी कुंठाएँ, अपनी आशाएँ, अपने सपने किसी पर!
आत्महत्या के कारणों पर जब भी चर्चा होती है, तब हम बाहरी कारण गिनने-गिनाने लग जाते हैं। करियर, वित्तीय परेशानी, सामाजिक हैसियत, आदि। इनके बाद…
View More मत लादिए अपनी इच्छाएँ, अपनी कुंठाएँ, अपनी आशाएँ, अपने सपने किसी पर!दक्षिण भारत से सीखिए – मासिक धर्म छिपाने का नहीं उत्सव मनाने का मौका है!
हिन्दुस्तान के बड़े हिस्से में महिलाओं का मासिक धर्म आज भी दूसरों से छिपाने का विषय होता है। इससे जुड़ी तमाम तरह की भ्रान्तियाँ देश…
View More दक्षिण भारत से सीखिए – मासिक धर्म छिपाने का नहीं उत्सव मनाने का मौका है!‘मायावी अम्बा और शैतान’ : जिनसे तू बचकर भागी है, वे यहाँ भी पहुँच गए है
वह घनी अँधेरी रात थी। इतनी अँधेरी कि साधारण आदमी तो एक-दूसरे को देख भी न सके। चलते वक्त एक-दूसरे से टकरा जाए। ऐसे माहौल…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : जिनसे तू बचकर भागी है, वे यहाँ भी पहुँच गए है‘मायावी अम्बा और शैतान’ : तुम कोई भगवान नहीं हो, जो…
ज्ञान उतना ही पुराना था, जितने पर्वत। यह इतना ही विस्तारित था, जितनी कि वनों में जड़ी-बूटियों की संख्या। उसके मिश्रणों, काढ़ों और घोलों को…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : तुम कोई भगवान नहीं हो, जो…‘नेशनल डॉक्टर्स डे’ : दिल से निकली ये शुक्राने की आवाज़ बहुतों के दिल तक पहुँचेगी!
एक सच्चा वाक़िआ, और उतना ही सच्चे दिल से अदा किया गया शुक्रिया। यक़ीनी तौर पर शुक्राने की ये आवाज़ उन तमाम डॉक्टर्स और उनके…
View More ‘नेशनल डॉक्टर्स डे’ : दिल से निकली ये शुक्राने की आवाज़ बहुतों के दिल तक पहुँचेगी!क्या ये सही समय नहीं कि हम परम्परागत संधारणीय जीवनशैली की ओर लौटें?
भारत हमेशा से संधारणीय या टिकाऊ तरीक़ों से जीवनशैली संचालित करता रहा है। लेकिन दुर्भाग्य से पिछले कुछ सौ वर्षों में हमने अपनी अच्छी आदतों…
View More क्या ये सही समय नहीं कि हम परम्परागत संधारणीय जीवनशैली की ओर लौटें?मध्य प्रदेश ने नियम बदला तो पता चला, हमारे नेता कितने ‘दरिद्र’ होते हैं!
मध्य प्रदेश सरकार ने अभी हाल में अपना एक नियम बदला है। इसी मंगलवार 25 जून की बात है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव…
View More मध्य प्रदेश ने नियम बदला तो पता चला, हमारे नेता कितने ‘दरिद्र’ होते हैं!‘मायावी अम्बा और शैतान’ : मात्रा, ज़हर को औषधि, औषधि को ज़हर बना देती है
# दरवाजे # मानो उसकी नियति थी कि कभी न कभी वह भैंसओझन से टकराएगी। फिर उसके बाद उस महाओझन (पटाला) से भी उसकी मुलाकात…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : मात्रा, ज़हर को औषधि, औषधि को ज़हर बना देती हैअपना आउटलेट खुला रखिए, ताकि बाँध फूटने से बचा रहे
लाखों जीवन लेने वाले जर्मन तानाशाह हिटलर ने आख़िर आत्महत्या की! सुन्दर विचार देने वाले साने गुरुजी (स्वतंत्रता संग्राम सेनानी) भी आत्महत्या कर लेते हैं। …
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