इस छोटी बच्ची का नाम है हुरमत इरशाद भट्ट। कश्मीर के एक ग्रामीण इलाक़े से ताल्लुक़ रखती है। उम्र महज़ नौ साल है। अभी तीसरी…
View More कश्मीर की इस बच्ची में ‘ड्राइव’ है, ‘कवर’ चाहिए…, मिला तो क्रिकेट का सितारा बनेगीTag: सरोकार
‘संस्कृत की संस्कृति’ : ऋषि कौन, वेद क्या और मंत्र क्या?
आचार्य कौत्स वेद मंत्रों को निरर्थक कहते हैं। लेकिन कौत्स के प्रश्नों का उत्तर देते हुए आचार्य यास्क कहते हैं- मंत्र कोई सामान्य कथन नहीं…
View More ‘संस्कृत की संस्कृति’ : ऋषि कौन, वेद क्या और मंत्र क्या?हम कैसे इतने अधर्मी और असंवेदनशील बना दिए गए?
घर के सामने रहने वाली पांडे ताईजी ने रोज की तरह सुबह उठकर घर के कोने पर आकर एक डलिया रख दी। कुछ देर बाद…
View More हम कैसे इतने अधर्मी और असंवेदनशील बना दिए गए?मायावी अम्बा और शैतान : भाई को वह मौत से बचा लाई, पर निराशावादी जीवन से….
अंबा के दु:स्वप्नों का सिलसिला तभी से शुरू हो गया था, जब वह पैदल चल रही थी। उस वक्त उसने खुद को न जाने कैसे-कैसे…
View More मायावी अम्बा और शैतान : भाई को वह मौत से बचा लाई, पर निराशावादी जीवन से….ऑनलाइन दुनिया में भिखमंगों-दानियों का खेल और ग़ैरहाज़िर सरगना
जीव में लोभ प्राकृत है। हम सब चाहते हैं कि हमें कोई कुछ दे दे। किसी से हमें कुछ मिल जाए। जीवों के आपसी सम्बन्ध…
View More ऑनलाइन दुनिया में भिखमंगों-दानियों का खेल और ग़ैरहाज़िर सरगनागुढी पाडवा : धर्ममय प्राणों के नवोन्मेष का काल
निसर्ग में अनुस्यूत परमतत्त्व जिस ऋतु-पर्यावरण, आचार-विचार, आहार-विहार चक्र से मानवता में प्रवाहित हाेता है उसके विज्ञान के ज्ञान को भी धर्म कहते हैं। हमारे…
View More गुढी पाडवा : धर्ममय प्राणों के नवोन्मेष का कालकवियों की चुटकुलेबाज़ी के बीच : यह अँधेरे की सड़क उस भोर (मनु वैशाली) तक जाती तो है…
ये दौर सोशल मीडिया का है। इसलिए हर कोई इन सोशल मीडिया के माध्यमों से मशहूर होना चाहता है। और अब तो मशहूरियत के स्तर…
View More कवियों की चुटकुलेबाज़ी के बीच : यह अँधेरे की सड़क उस भोर (मनु वैशाली) तक जाती तो है…अब आईआईटी वालों को भी नौकरी नहीं, अगर ये सच है तो चिन्ताजनक है!
देश में जारी चुनावी चकल्लस के बीच आई एक ख़बर ने समाज के बड़े वर्ग में चिन्ता पैदा कर दी है। हिन्दुस्तान टाइम्स अख़बार ने…
View More अब आईआईटी वालों को भी नौकरी नहीं, अगर ये सच है तो चिन्ताजनक है!‘मायावी अम्बा और शैतान’ : अनुपयोगी, असहाय, ऐसी जिंदगी भी किस काम की?
# भविष्यवाणियाँ # उस जादूगरनी से मिलना उसकी अटल नियति थी। एक भविष्यवाणी। भले उसके भीतर हम कहीं छिपे थे लेकिन उस जादूगरनी के सम्मोहन…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : अनुपयोगी, असहाय, ऐसी जिंदगी भी किस काम की?‘संस्कृत की संस्कृति’ : “अनर्थका: हि मंत्रा:” यानि मंत्र अनर्थक हैं, ये किसने कहा और क्यों?
आज हम सभी चीजों, बातों और विचारों को वैज्ञानिक कसौटी पर कसना चाहते हैं। तब मन में प्रश्न आता है, क्या प्राचीन काल में चीजों…
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