# केंचुली छोड़ना # तथ्य : इंसान जैसी जिंदगी इंसानों को ही नसीब है। तथ्य : ये तय था कि वह ऐसे रास्ते पर बढ़ने…
View More ‘मायावी अंबा और शैतान’ : उसे अब यातना दी जाएगी और हमें उसकी तकलीफ महसूस होगीTag: सरोकार
‘मायावी अंबा और शैतान’ : फिर उसने गला फाड़कर विलाप शुरू कर दिया!
शाम को जब गोलीबारी थमी, तो लगा जैसे सब काल्पनिक सा घटा हो। झुलसे हुए और खून, धूल, मिट्टी के रंगों में रंगे हुए रास्ते…
View More ‘मायावी अंबा और शैतान’ : फिर उसने गला फाड़कर विलाप शुरू कर दिया!भाषा के नाम पर राजनीति करने वालों को ‘दक्षिण में हिन्दी’ से जुड़ी ये ख़बर पढ़नी चाहिए
आज, 14 सितम्बर को ‘हिन्दी दिवस’ मनाया गया। मीडिया और सोशल मीडिया में पूरे ज़ोर-शोर से रस्में हुईं। हालाँकि यह बात दीगर है कि रस्म-अदायगी…
View More भाषा के नाम पर राजनीति करने वालों को ‘दक्षिण में हिन्दी’ से जुड़ी ये ख़बर पढ़नी चाहिए‘शिक्षा’ वेदांग की नाक होती है, और नाक न हो तो?
भाषा के तौर पर संस्कृत की तकनीक और उसका सौन्दर्य अतुलनीय है। हम क्रमश: इसके तकनीक पक्ष पर दृष्टि डालेंगे। तो, सामान्य जन को भाषा…
View More ‘शिक्षा’ वेदांग की नाक होती है, और नाक न हो तो?‘मायावी अंबा और शैतान’ : ऐसे बागी संगठन का नेतृत्त्व करना महिलाओं के लिए सही नहीं है
“मैं तो बस ये कह रहा था कि ऐसे बागी संगठन का नेतृत्त्व करना महिलाओं के लिए सही नहीं है… या यूँ समझ लो कि…
View More ‘मायावी अंबा और शैतान’ : ऐसे बागी संगठन का नेतृत्त्व करना महिलाओं के लिए सही नहीं हैसंस्कृत एक तकनीक है, एक पद्धति है, एक प्रक्रिया है…!
भाषा की दृष्टि से समझने पर संस्कृत मात्र विचारों के आदान प्रदान की माध्यम प्रतीत नहीं होती। वास्तव में संस्कृत एक तकनीक है, एक पद्धति…
View More संस्कृत एक तकनीक है, एक पद्धति है, एक प्रक्रिया है…!‘मायावी अंबा और शैतान’ : सरकार ने उनकी प्राकृतिक संपदा पर दिन-दहाड़े डकैती डाली थी
तनु बाकर के व्यवहार में उसकी जमीन के उजड़ने का दर्द झलकता था। वह तकलीफ झलकती थी, जो अनिवार्य रूप से ऐसे देश की थी,…
View More ‘मायावी अंबा और शैतान’ : सरकार ने उनकी प्राकृतिक संपदा पर दिन-दहाड़े डकैती डाली थी‘मायावी अंबा और शैतान’ : अहंकार से ढँकी आँखों को अक्सर सच्चाई नहीं दिखती
“यह ठीक नहीं है, मास्टर!” सुशीतल की ऊँची होती आवाज में चिड़चिड़ापन था, “ये नहीं हो सकता।” “वे दोनों अलग-अलग चीजें हैं भाँजे।” “अंबा को…
View More ‘मायावी अंबा और शैतान’ : अहंकार से ढँकी आँखों को अक्सर सच्चाई नहीं दिखतीजो मीडिया आपके मुद्दे नहीं उठाता, वह सिर्फ़ आपकी ग़फ़लत को बेचकर खीसे भर रहा है!
यूँ तो मौत, मौत ही होती है, लेकिन परिवार, समाज और राष्ट्र पर उसका असर मुख़्तलिफ़ होता है। कभी कोई एक ही मौत पूरी क़ौम…
View More जो मीडिया आपके मुद्दे नहीं उठाता, वह सिर्फ़ आपकी ग़फ़लत को बेचकर खीसे भर रहा है!‘मायावी अंबा और शैतान’ : ये किसी औरत की चीखें थीं, जो लगातार तेज हो रही थीं
लेकिन रोजी मैडबुल की किस्मत भी जोरदार थी। दूर-दराज के होरी पर्वतीय इलाके में जहाँ उसे सजा के तौर पर तैनात किया गया, वहाँ जमीन…
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